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CBSE पेपर लीक: दोबारा पेपर तो होगा, लेकिन स्टूडेंट्स पर बढ़ जाएगा एंट्रेंस का प्रेशर

     Last Updated:(11:39 AM) 31 Mar 2018
दिल्ली/मुंबई 
लीक हुए पेपर दोबारा कराए जाने के सीबीएसई के फैसले से जहां कुछ छात्रों को राहत मिली है, वहीं अन्य छात्रों की परेशानी इससे बढ़ जाएगी। 12वीं क्लास के छात्र खासतौर पर परीक्षा के बाद आईआईटी समेत कई एंट्रेंस टेस्ट की तैयारी करते हैं। दोबारा परीक्षा होने की स्थिति में अब उनको पहले 12वीं की तैयारी करनी होगी, जिससे अन्य एंट्रेंस की तैयारी के लिए उनको काफी कम समय मिलेगा। कम समय में एंट्रेंस की तैयारी करने के लिए छात्रों पर दबाव बढ़ जाएगा। कई छात्रों ने दोबारा पेपर कराए जाने के सीबीएसई के फैसले के बाद चिंता व्यक्त की है। कुछ छात्रों ने अपनी चिंता जताते हुए बोर्ड को भी इस संबंध में लिखा है।दोबारा परीक्षा से एक तो तैयारी करने का हमारा समय निकल जाएगा और दूसरी ओर थकान भी काफी हो जाएगी। हमें सिर्फ पढ़ते रहना होगा।अगर 10वीं के  एग्जाम जुलाई में होता है तो 11वीं क्लास का उनका शेड्यूल लेट हो जाएगा। जी.डी.गोएनका की प्रिंसिपल अनुपमा चोपड़ा कहती हैं, '11वीं की पढ़ाई जुलाई के पहले हफ्ते से शुरू होती है। यहां तक कि कई स्कूल तो अप्रैल में उनके लिए ऑरियंटेशन क्लासेज शुरू कर देते हैं ताकि उन्हें सभी स्ट्रीम का अंदाजा मिल जाए और वे 11वीं में अपनी पसंद के विषय ले सकें। साथ ही, सिर्फ मैथ्स के पेपर के लिए ही ऐसा क्यों किया जा रहा है, जबकि सभी विषय के पेपर लीक होने की खबरें आ रही हैं। ऑल इंडिया पैरंट्स असोसिएशन के प्रेजिडेंट अशोक अग्रवाल कहते हैं, पूरे देश के बच्चे टेंशन में हैं और हम अब पेपर लीक, री-टेस्ट, लिबरल मार्किंग की मांग, 11वीं के संभावित लेट सेशन को लेकर जल्द हाई कोर्ट जाएंगे।' 
12वीं के छात्र भी इकनॉमिक्स के दोबारा टेस्ट के ऐलान से नाराज हैं। उनका कहना है कि 12वीं में वे सिर्फ बोर्ड के एग्जाम नहीं देते बल्कि बाकी एग्जाम की तैयारी भी करते हैं। मॉडर्न स्कूल, बाराखंबा रोड के 12वीं के छात्र दीपांकर कहते हैं, हम खुश थे कि इस बार एग्जाम 13 अप्रैल को यानी जल्द खत्म हो रहे थे, हमारे पास बाकी एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी के लिए टाइम था। मैंने लॉ कोर्सेज के लिए साउथ की कुछ यूनिवर्सिटी के लिए भी प्लान किया है। अब इसे आगे खिसकाना पड़ रहा है। कुछ छात्रों को आईपी यूनिवर्सिटी, जामिया समेत कुछ संस्थानों के एंट्रेंस एग्जाम भी देने हैं मगर अब इकनॉमिक्स के चक्कर में वे उलझ गए हैं। कई स्टूडेंट्स अब भी री-टेस्ट के खिलाफ हैं। 
पिछले साल 12वीं का रिजल्ट 28 मई को आया था और डीयू में ऐडमिशन प्रोसेस 22 मई से शुरू हुआ था। पिछले साल 20 अप्रैल तक एग्जाम चले थे, इस बार यह शेड्यूल 13 अप्रैल तक का था। मगर अब इको के एग्जाम की वजह से रिजल्ट जून में जा सकता है। इस वजह से डीयू में अप्लाई करने वाले छात्रों को तैयारी के लिए ज्यादा वक्त नहीं मिल पाएगा। डीयू ने भी कहा था कि इस बार अप्रैल के पहले हफ्ते में ही ऐडमिशन प्रोसेस शुरू कर दिया जाएगा, मगर अब डीयू का यह प्लान भी पीछे रह जाएगा क्योंकि स्टूडेंट्स अप्रैल के आखिर तक एग्जाम दे रहे होंगे। डीयू में करीब 80 फीसदी छात्र सीबीएसई से ही आते हैं। इस तरह कई स्टूडेंट्स जामिया, आंबेडकर यूनिवर्सिटी समेत मुंबई, हैदराबाद समेत साउथ की कई यूनिवर्सिटी के लिए भी एग्जाम देते हैं। 
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