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कठुआ गैंगरेप केस: बच्ची के पिता की सुप्रीम कोर्ट से अपील- मुकदमा जम्मू-कश्मीर के बाहर चलाया जाए

     Last Updated:(11:49 AM) 16 Apr 2018
नई दिल्ली/जम्मू.सामूहिक दुष्कर्म के बाद 8 साल की बच्ची की हत्या के आठ आरोपियों के खिलाफ सोमवार से मुकदमा शुरू हो गया है। सभी आरोपियों को सुबह कोर्ट में भी पेश किया गया। इनमें से एक आरोपी ने कहा कि नॉर्को टेस्ट में सबकुछ साफ हो जाएगा। इससे पहले, पीड़िता के पिता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर केस की सुनवाई जम्मू-कश्मीर के बाहर कराने की अपील की। वहीं, बच्ची के परिजनों की वकील दीपिका एस राजावत ने धमकियां मिलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि मैं कब तक जिंदा रहूंगी। मेरे साथ दुष्कर्म हो सकता है, मेरी हत्या भी हो सकती है। मुझे कल धमकी मिली थी कि तुम्हें माफ नहीं करेंगे।’आरोपियों के वकील अंकुर शर्मा ने कहा कि कोर्ट ने सभी आरोपियों को चार्जशीट की कॉपी मुहैया कराने के आदेश दिए हैं। वहीं, अगली सुनवाई 28 अप्रैल को होगी। राजावत ने आगे कहा, ''मुझे उन्होंने (बार एसोसिएशन के वकील) अलग-थलग कर दिया है। कोर्ट में प्रैक्टिस करने तक से रोका जा रहा है। मैं नहीं जानती कि आगे कैसे गुजारा करूंगी। मुस्लिम लड़की के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ने पर मुझे हिंदू विरोधी कहकर समाज से निकालने की बातें हो रही हैं।''

उधर, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने कहा है कि वकीलों से जुड़े विवाद की जांच के लिए काउंसिल ने एक पैनल बनाया है। जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन के वकीलों पर आरोपियों का सपोर्ट करने का आरोप है। जिन्होंने 10 अप्रैल को पुलिस को चार्जशीट पेश करने से रोका था। बता दें कि आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के आरोपियों में एक नाबालिग भी है। एसआईटी ने उसके खिलाफ अलग चार्जशीट दाखिल की है। नियमों के तहत कठुआ के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट सात आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट सेशंस कोर्ट भेजेंगे। वहीं, नाबालिग के खिलाफ उन्हीं के कोर्ट में सुनवाई चलेगी।इस संवेदनशील केस के हिंदू-मुस्लिम का रंग लेते देख महबूबा सरकार ने पैरवी के लिए सिख समुदाय के दो स्पेशल पब्लिक प्रॉसीक्यूटर नियुक्त किए हैं।कठुआ कांड का मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे सांझी राम के परिवार ने कहा है कि मामले की जांच सीबीआई से करवानी चाहिए। उसमें दोषी मिलने पर भले ही सांझी राम और उसके बेटे को सरेआम फांसी दे देना। भूख हड़ताल पर बैठी सांझी राम की बेटी ने कहा कि बच्ची को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग को मीडिया दोषियों को बचाने अौर जांच में रुकावट डालने की कोशिश क्यों दिखा रहा है।

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