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मोदी ने देहरादून में कहा- जब समाज को तोड़ने वाली ताकतें हावी हों, तब योग जोड़ने का काम करता है

     Last Updated:(12:13 PM) 21 Jun 2018

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीने चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर गुरुवार को देहरादून के वन अनुसंधान केंद्र के मैदान पर योगाभ्यास किया। यहां करीब 50 हजार लोगों के एकसाथ योग करने का दावा किया गया। मोदी ने योग की अहमियत भी बताई। उन्होंने कहा कि आज देहरादून से लेकर डबलिन तक, योग पूरी दुनिया को जोड़ रहा है। जब तोड़ने वाली ताकतें हावी हों तो समाज में बिखराव आता है। व्यक्ति खुद ही अंदर से टूटता जाता है। जीवन में तनाव बढ़ता जाता है। इस बिखराव के बीच योग जोड़ने का काम करता है।

नरेंद्र मोदी की पहल के बाद 2014 में संयुक्त राष्ट्र ने विश्व योग दिवस मनाने का प्रस्ताव मंजूर किया था। इसके लिए 21 जून को चुना गया जो वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है। 2015 में पहला विश्व योग दिवस मना। यह चौथा साल है। प्रधानमंत्री ने कहा, "हम हमारी इस विरासत पर गर्व करेंगे तो विश्व हम पर गर्व करेगा। संयुक्त राष्ट्र में सबसे कम समय में स्वीकार किया जाने वाला प्रस्ताव योग दिवस का है। यह हमारे लिए गर्व की बात है। योग ने दुनिया को इलनेस से वेलनेस का रास्ता दिखाया। राष्ट्रनिर्माण की किसी भी प्रक्रिया से जुड़ने के लिए सभी का स्वस्थ्य रहना आवश्यक है। इसमें योग का भी बड़ा योगदान है।’’

मोदी ने कहा, "‘जो लोग योग से जुड़े हैं, वे इसमें निरंतरता लाएं और जो नहीं जुड़े हैं, वे भी इससे जुड़ें। योग ही भारत और विश्व के बीच निकटता लाया है। योग आज दुनिया की सबसे पावरफुल यूनिफाइंग फोर्सेस में से एक बन गया है। हम सभी के लिए गौरव की बात है कि आज जहां-जहां उगते सूर्य की किरणें पहुंच रही हैं, प्रकाश का विस्तार हो रहा है, वहां-वहां लोग योग से सूर्य का स्वागत कर रहे हैं। हिमालय के हजारों फीट ऊंचे पर्वत हों या धूप से तपता रेगिस्तान हो, योग हर परिस्थिति में जीवन को समृद्ध कर रहा है।’’

प्धनमंत्री ने कहा, "‘आज की आपाधापी वाली जिंदगी में योग मन, शरीर, बुद्धि और आत्मा को जोड़कर व्यक्ति को शांति की अनुभूति कराता है। समाज में सद्भाव बढ़ाता है। समाज राष्ट्र की एकता का सूत्र बनता है। ऐसे समाज देश में शांति का सूत्रपात करते हैं। योग संपूर्ण मानवता को जोड़ता है। विश्व का हर नागरिक, विश्व का हर देश योग को अपना मानने लगा है। हम हिंदुस्तान के लोगों के लिए एक बहुत बड़ा संदेश है कि हम उस महान परंपरा के धनी हैं।’’प्रधानमंत्री ने बुधवार को दुनियाभर के योग प्रेमियों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर उनकी सराहना की। उन्होंने कहा, ‘"योग सिर्फ व्यायाम नहीं है, बल्कि यह शरीर को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने की शैली है। यह स्वास्थ्य बीमा का पासपोर्ट, तंदुरुस्ती और आरोग्य का मंत्र है। योग सिर्फ सुबह की गई कसरत नहीं है। लगन के साथ आपकी दिनचर्या और पूरी जागरुकता भी योग है।'’अमेरिका के हवाई क्षेत्र में मौजूद नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्री पर नौसैनिकों ने योगाभ्यास किया। इसी तरह आईएनएस विराट, बंगाल की खाड़ी में मौजूद आईएनएस ज्योति और अरब सागर में मौजूद आईएनएस जमुना पर भी नौसैनिकों ने योग किया। आईटीबीपी के जवानों ने हिमालय में बर्फीले पहाड़ों के बीच और अरुणाचल के लोहितपुर में दिगरू नदी के बहते पानी के बीच खड़े होकर योगासन लगाए।

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