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 टमाटर की 40 करोड़ से ज्यादा की फसल तबाह

     Last Updated:(11:25 AM) 21 Dec 2018
  • राज्य के कई हिस्सों में 50 हजार हेक्टेयर में होती है टमाटर की फसल
  • बेमौसम बारिश के कारण राज्य के सभी हिस्सों में सब्जियों की फसल को काफी नुकसान
  • फेथई तूफान के बाद घने कोहरे ने टमाटर की फसल को जबरदस्त नुकसान पहुंचाया है। किसानों के मुताबिक 50 फीसदी से ज्यादा टमाटर की फसल को सीधा असर पड़ा है। इससे चालीस करोड़ से ज्यादा का नुकसान होगा। यही नहीं फूल व पत्ता गोभी और बैंगन की फसल को भी कोहरे के कारण नुकसान हुआ है। इस वजह से थोक में टमाटर की कीमत गिर गई है, वहीं दूसरे राज्यों में टमाटर का निर्यात भी बंद हो गया है। किसानों के सामने फिर से टमाटर फेंकने की स्थिति बन रही है।

बेमौसम बारिश के कारण राज्य के सभी हिस्सों में सब्जियों की फसल को काफी नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान टमाटर की फसल लेने वाले किसानों को हुआ है। राज्य में करीब 50 हजार हेक्टेयर में टमाटर की खेती होती है। 17 से 19 दिसंबर के बीच बादल छाए रहे और बारिश हुई। इस वजह से टमाटर जल्दी पकने लगे। मौसम खुलने के बाद दो दिनों से जोरदार कोहरा छाया हुआ है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. संकेत ठाकुर के मुताबिक कोल्ड इंजरी (पाला) की वजह से टमाटर की फसल को काफी नुकसान हुआ है। गोभी, केला और पपीता की फसल भी खराब हुई है। प्रदेशभर में दुर्ग, धमधा, बालोद, बेमेतरा, तिल्दा, भाठापारा, बिलासपुर और लैलुंगा आदि जगहों पर बड़े पैमाने पर किसान टमाटर की फसल लगाते हैं। 

 

सब्जी उगाने वाले किसान सरकार से मांग रहे मदद

नई सरकार ने धान उगाने वाले किसानों के लिए तो कर्ज माफी की घोषणा कर दी है, लेकिन सब्जी उगाने वाले किसानों के लिए कोई प्रावधान नहीं किया है। सब्जी उत्पादक किसानों का कहना है कि हर बार उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। सरकार को सब्जी उत्पादक किसानों की मदद के लिए भी आगे आना चाहिए। किसानों को अच्छी कीमत देने के लिए भी पहल करनी चाहिए। बता दें कि हर साल विरोध स्वरूप किसान सब्जियां व टमाटर सड़क पर फेंक देते हैं या खेतों पर मवेशियों को छोड़ देते हैं। फिर भी सब्जी उगाने वाले किसानों की अनदेखी हो रही।

 

दो रुपए तक गिरा रेट
बारिश और बदली के बाद बाजार में टमाटर दस रुपए किलो ही बिक रहा है, लेकिन अड़तियों ने टमाटर का रेट दो रुपए तक गिरा दिया है। मौसम खराब होने से पहले पांच रुपए प्रति किलो की दर से टमाटर बिक रहा था। बारिश के बाद अब दो से तीन रुपए भाव हो गया है। किसानों का कहना है कि जनवरी में वैसे भी टमाटर का साइज छोटा होने के कारण रेट गिर जाता है।

 

दूसरे राज्य नहीं जा रहा
बारिश के बाद अब अढ़तिये खेतों से टमाटर नहीं उठा रहे हैं। इस वजह से कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, यूपी, ओड़िशा, दिल्ली आदि जगहों पर टमाटर का निर्यात नहीं हो रहा है। ऐसी स्थिति में राज्य में ही स्टॉक बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर टमाटर के रेट पर पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ज्यादा आवक से टमाटर की कीमत गिर जाएगी। बाजार में 50 पैसे तक कीमत पहुंच जाएगी।

 

50 फीसदी फसल खराब
बड़े टमाटर उत्पादक किसान जालम पटेल का कहना है कि धमधा क्षेत्र में ही दस हजार एकड़ में टमाटर की खेती होती है। इसमें से आधे से ज्यादा फसल खराब हो गई है। इस वजह से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा। पटेल के मुताबिक टमाटर के साथ-साथ दूसरी सब्जियों को भी नुकसान हुआ है। किसान ढाल सिंह का कहना है कि पाले से ज्यादा क्षति हुई है।

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